नोटबंदी-जीएसटी का असर खत्म, आर्थिक वृद्धि दर पहुंची 7.7% पर
नोटबंदी और जीएसटी से उभरते हुए एक बार फिर से भारतीय अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट आई है। वित्त वर्ष 2017-18 की आखिरी तिमाही (जनवरी से मार्च) में जीडीपी दर 7.7 फीसदी रही है। गुरुवार को केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने यह आंकड़ा जारी किया। इसके साथ ही भारत एक बार फिर से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गई है। वहीं, आखिरी तिमाही के लिए 7.4 फीसदी का अनुमान लगाया गया था। जबकि पिछली तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर) में जीडीपी दर 7.2 फीसदी रही थी। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 के लिए जीवीए 6.7 फीसदी रहा है। चौथी तिमाही के जीडीपी विकास दर में औद्योगिक उत्पादन में तेजी का अहम योगदान है। कोर सेक्टर ने अप्रैल में 4.7 फीसदी ग्रोथ दर्ज की है जबकि मार्च में कोर सेक्टर की ग्रोथ 4.4 फीसदी थी। कोयला, क्रूड, नेचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट, फर्टिलाइजर, स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रिसिटी सहित आठ इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर ने कुल औद्योगिक उत्पादन में 40.27 फीसदी योगदान दिया है। रुपये में चार पैसे की तेजी घरेलू शेयर बाजार की तूफानी तेजी के बीच नियार्तकों की डॉलर बिकवाली जारी रहने से अंतरबैं...