लोकसभा में बदल रहा अंकगणित, NDA की घटी संख्या, विपक्ष की बढ़ी ताकत
लोकसभा में दलीय अंकगणित लगातार बदल रहा है। कर्नाटक से भाजपा नेता येदियुरप्पा और बी. श्रीरामुलु के अलावा जेडीएस के सीएस पुत्तराजू के इस्तीफा देने के बाद भाजपा की मौजूदा संख्या 272 पर पहुंच गई है। दरअसल, कैराना समेत चार लोकसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहा है। इसके बाद कर्नाटक की तीन लोकसभा सीटों को मिलाकर कुल सात सीटें खाली रहेंगी। इस लिहाज से सदन के मौजूदा संख्याबल में भाजपा की स्थिति सहज बनी रहेगी। लेकिन विपक्ष नैतिक रूप से दबाव बनाने के लिए अपने बढ़े संख्या बल को आधार बनाने का प्रयास कर रहा है।
कैराना में इम्तिहान
16वीं लोकसभा में चुनाव के बाद भाजपा ने 282 सीटें हासिल की थीं, अब उसकी संख्या 272 है। अगर कैराना सीट पर भाजपा जीतती है और बची हुई रिक्तियों में चुनाव होने पर उसे सफलता मिलती है तो दोबारा वह अपने पुराने आंकड़े के करीब पहुंच सकती है। कैराना का चुनाव मनोबल के लिहाज से भाजपा और विरोधी दलों के लिए अहम है।
विपक्ष ने छीनी सत्ताधारी दल की सीटें
प्रमुख विपक्षी दल ने अपनी मूल संख्या 44 में चार सीटों का इजाफा किया है। सदन में कांग्रेस की मौजूदा संख्या 48 है। उसने दो सीटें राजस्थान में और एक मध्यप्रदेश में भाजपा से छीनी हैं। सपा ने दो सीटें उत्तरप्रदेश में भाजपा से छीनी हैं। कांग्रेस के बाद अन्नाद्रमुक की संख्या ही उसके आसपास है, जिसकी 37 सीटें हैं। तृणमूल कांग्रेस 34 सीटों के साथ चौथा सबसे बड़ा दल है, जबकि बीजद की संख्या 20 और शिवसेना का संख्या 18 सीटों की है। तेलुगुदेशम के पास 16 सीटें और टीआरएस के पास कुल 11 लोकसभा सीटें हैं।
सहज स्थिति में है एनडीए
कई उपचुनावों में हार के बावजूद भाजपा की अगुवाई में एनडीए की ताकत विरोधी दलों की तुलना में काफी ज्यादा है। उसके पास 306 के आसपास सीटें हैं, जबकि कांग्रेस के साथ खड़े दलों के अलावा तटस्थ मानी जा रही अन्नाद्रमुक, टीआरएस, बीजद आदि राजनीतिक पार्टियों को भी मिला लें तो लोकसभा में इनकी संख्या 230 के आसपास होती है।
सीएम बनने को छोड़ी सांसद सीट
कर्नाटक में ढाई दिन के सीएम रहे येदियुरप्पा ने विधायक चुने जाने के बाद लोकसभा की सीट छोड़ दी। इसके पहले यूपी में मुख्यमंत्री पद पर चुने जाने के बाद योगी आदित्यनाथ ने अपनी गोरखपुर सीट छोड़ी थी। बाद में इसे भाजपा को गंवाना पड़ा था। यूपी में उपमुख्यमंत्री बने केशव मौर्य की लोकसभा सीट भी पार्टी को वापस नहीं मिली। भाजपा की सहयोगी जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सीएम बनने के लिए अनंतनाग की सीट से इस्तीफा दिया था लेकिन वहां अभी तक चुनाव नहीं हो सका है। कांग्रेस के पंजाब में मुख्यमंत्री बने अमरिंदर सिंह की सीट पर उपचुनाव में कांग्रेस जीतने में कामयाब रही। नगालैंड के मुख्यमंत्री बने नेफ्यू रियो की सीट पर अभी चुनाव होना है।

Comments
Post a Comment