अंतरिम जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट जाएं सुहैब इलियासी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी पत्नी अंजू इलियासी की हत्या के सिलसिले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे टीवी एंकर और निर्माता सुहैब इलियासी को अंतरिम जमानत के लिए गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट जाने के निर्देश दिए।
18 वर्ष पहले अपनी पत्नी की हत्या करने के लिए दिल्ली की एक निचली अदालत ने सुहैब इलियासी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जस्टिस एल. नागेश्वर राव और जस्टिस मोहन एम. शांतानागौदर की बैंच ने सुहैब इलियासी को तत्काल कोई राहत देने से इनकार कर दिया।
इलियासी के वकील ने कहा था कि हाईकोर्ट ने 26 अप्रैल को चार सप्ताह के लिए उन्हें अंतरिम जमानत दी थी जिसकी अवधि 23 मई को समाप्त हो गई है।
उसके वकील ने कहा कि इस मामले में दोषी ठहराए जाने और सजा के खिलाफ इलियासी की अपील हाईकोर्ट के समक्ष लंबित है जिस पर चार जुलाई को सुनवाई होनी है। उन्होंने कहा कि 26 अप्रैल को चार सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दी गई और यह राहत चार जुलाई तक जारी रहनी चाहिए।
बैंच ने कहा, नहीं। आप एक अलग याचिका (अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट के समक्ष) दायर कर सकते हैं। हम आपको आदेश (26 अप्रैल के) की अवधि बढ़ाने के लिए एक नई याचिका दायर करने का अवसर दे रहे हैं।
बैंच ने अपने आदेश में कहा कि 26 अप्रैल को हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश के अनुसार याचिकाकर्ता को चार सप्ताह की अवधि के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी। उन्हें अंतरिम जमानत के लिए एक और आवेदन दायर करने की अनुमति है।
हाईकोर्ट ने अपनी बीमार दूसरी पत्नी की देखरेख के लिए इलियासी को चार सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दी थी। निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को इलियासी को हिरासत में ले लिया गया था।
निचली अदालत ने गत वर्ष 20 दिसम्बर को उसे अपनी पत्नी अंजू की हत्या करने के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अदालत ने कहा था कि दोषी ने हत्या की और उसे आत्महत्या का रंग देने की कोशिश की।

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