बिहार: पति आलोक चंद्रा की मौत पर पत्नी की आंखों से बह रहे थे अविरल आंसू, बेटा था बदहवास
31 वर्षीय युवा बैंकर आलोक चंद्रा की हत्या से उनकी पत्नी निधि राज पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी की आंखों से आंसू अविरल बह रहे थे। कभी वह पति का चेहरा देखती तो कभी अपने परिजनों और घटना स्थल पर उमड़ी भीड़ की ओर कातर निगाहों से ताकती। घटना के बाद नेहालपुर छिलका पर बड़ी संख्या लोग उमड़ पड़े थे। घटना के महज डेढ़ घंटे के अंदर पत्नी अरवल से पहुंची और पति के शव से लिपट रोने लगी। वहीं तीन वर्षीय पुत्र पूरे मामले से अनजान बदहवास दिख रहा था। लोगों के रोने और सिसकने से वह भी काफी सहमा हुआ था। नेहालपुर और आसपास के गांवों की महिलाएं विधवा को ढांढस बंधा रही थीं। बाद में परिजनों के पहुंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जहानाबाद लाया गया। शव के पोस्टमार्टम हो जाने के बाद जब मृतक के पार्थिव शरीर को बाहर निकाला गया तो परिजन और ग्रामीण दहाड़ मारकर रो पड़े।
मैनेजर की हत्या का समाचार सुन बड़ी संख्या में ग्रामीण भी आ पहुंचे थे। गांव के मुखिया अंजनी कुमार ने बताया कि शायद ही गांव में उसका किसी से झगड़ा हुआ हो। मुखिया ने कहा कि वह सबों का दुलारा था। गोतिया में श्राद्ध समारोह में शामिल होकर बाइक से अरवल लौटना ही उसके जान का कारण बन गया। वहीं एक अन्य ग्रामीण धीरज कुमार ने कहा कि आलोक जब भी गांव आते, अपने से कम उम्र के लड़कों के साथ भी हिले-मिले रहते थे। गांव में अपने दोस्तों के साथ खूब मस्ती किया करते और हमलोगों को अक्सर घुमने-फिरने के लिए अरवल बुलाया करते थे।

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