पचास फीसदी से कम नसबंदी कराने वाली एएनएम हटेंगी
जिले में संविदा पर तैनात वैसी एएनएम जो 50 प्रतिशत से कम नसबंदी कराई हैं उन्हें सेवा से हटाया जाएगा। इस श्रेणी में शामिल स्थायी एएनएम का डीएम ने सिविल सर्जन से प्रस्ताव मांगा है। 50 से 70 प्रतिशत बंध्याकरण करने वाली एएनएम के वेतन में 10 प्रतिशत की कटौती होगी। मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने यह निर्देश दिया।
डीएम कुमार रवि ने बताया कि यदि स्थायी एएनएम हैं और उनका कार्य संतोषजनक नहीं है तो उनका भी दो वेतन वृद्धि रोका जाएगा। सभी एएनएम को 75 प्रतिशत से अधिक नसबंदी कराने का लक्ष्य दिया गया है। डीएम ने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि जिन एएनएम का कार्य बेहतर है उनकी सूची बनाकर पुरस्कृत करें। बता दें कि परिवार नियोजन का काम संतोषजनक नहीं है। खासकर पुरुष नसबंदी काफी कम हो रही है। डीएम ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि वैसे डॉक्टर जो ड्यूटी करने में कोताही बरत रहे हैं उनके विरुद्ध प्रपत्र क गठित किया जाए।
डीएम ने बताया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मसौढ़ी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक का टीकाकरण अभियान में अच्छी उपलब्धि नहीं है। कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में दोनों के वेतन पर डीएम ने रोक लगा दी है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि घोसवरी पीएचसी का नया भवन बनाने के लिए स्थल चिन्हित किया जाए।
पीएचसी पर तैनात होंगे सुरक्षाकर्मी : डीएम ने सिविल सर्जन से रिपोर्ट मांगी है कि वैसे अस्पताल जहां पिछले तीन वर्षों में तोड़फोड़ हुआ है या डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार हुआ है। सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई है। ऐसे अस्पतालों की सूची एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराई जाए ताकि वहां सुरक्षाबलों की तैनाती की जा सके।
गर्भवती को कम मिल रहा आयरन और कैल्शियम : डीएम ने समीक्षा में पाया कि अनुमंडलीय अस्पताल मसौढ़ी एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बख्तियारपुर, दानापुर तथा पुनपुन में गर्भवती महिलाओं को कैल्शियम और आयरन की गोलियां काफी कम वितरित की जा रही हैं। डीएम ने अस्पतालों में शत-प्रतिशत दवा वितरित करने का निर्देश दिया। डीएम ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए ठोस उपाय करने को भी कहा है।

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