ईरान के विदेश मंत्री से सुषमा स्वराज आज करेंगी मुलाकात, परमाणु करार पर मांग सकते हैं भारत का सहयोग
ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ आज विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ मुलाकात करेंगे। संभावना है कि इस दौरान वह छह वैश्विक शक्तियों के साथ ईरान के परमाणु करार पर अमेरिका के इससे हट जाने के आलोक में भारत से समर्थन मांग सकते हैं। जरीफ की एक दिवसीय यात्रा 2015 के ऐतिहासिक परमाणु करार से अमेरिका के हटने के बाद महत्वपूर्ण वैश्विक शक्तियों से संपर्क साधने की ईरान की कोशिश की तहत हो रही है।
इस करार के तहत ईरान बड़े बड़े आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाने के बदले अपनी संवेदनशील परमाणु गतिविधियां रोकने पर राजी हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि स्वराज और जरीफ की भेंट वार्ता में इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। चाबहार बंदरगाह परियोजना का विषय भी इस बैठक में उठने की संभावना है। ईरान भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है और अमेरिका के फैसले से भारत के तेल आयात पर असर पड़ने की आशंका है। लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ईरान पर फिर से आर्थिक पाबंदी लगाने के अमेरिकी फैसले से तेल आयात पर तब तक कोई असर नहीं पड़ेगा जब तक यूरोपीय देश अमेरिका के पदचिह्नों पर नहीं चलते हैं।
ईरान के विदेश मंत्री ने पिछले तीन हफ्ते में चीन , रुस और कुछ यूरोपीय देशों की यात्रा की है। उससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस करार से अमेरिका के हटने की घोषणा की थी। अमेरिका के पिछले ओबामा प्रशासन ने इस करार पर दस्तखत किए थे। समझा जाता है कि पिछले हफ्ते रुस के सोची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अनौपचारिक सम्मेलन में यह मुद्दा उठा था। ट्रंप के फैसले पर भारत ने कहा था कि सभी संबंधित पक्षों को इस मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान करने के लिए सकारात्मक वार्ता करनी चाहिए तथा ईरान के परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के अधिकार को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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