लखीसराय में इंसाफ, हत्या के दो मामलों में आठ को मिली उम्रकैद की सजा
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने हत्या के दो अलग-अलग मामले में आठ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इनमें से एक दोषी कोर्ट में हाजिरी लगाने के बाद फरार हो गया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट वन कोर्ट के जज डीपी केशरी ने दोनों मामले में न्यायालय ने आठों अभियुक्तों को धारा 302/34 के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनाते हुए 5-5 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया। नगर थाना अंतर्गत अनिल हत्याकांड में सजा सुनाने से पहले ही सुनवाई को पहुंचे तीन में से एक अभियुक्त मुकेश महतो कोर्ट में हाजिरी लगाने के बाद फरार हो गया।
कोर्ट ने हलसी थाना कांड संख्या 47/93 सत्रवाद 436/96 में बल्लोपुर गांव के भूषण यादव, सरयुग यादव, सुनील यादव, अर्जुन यादव एवं दासो केवट को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। कांड के सूचक कार्यानंद यादव के पुत्र सुरेश यादव की हत्या को लेकर मामला दर्ज कराया था। घटना के अनुसार 30 मई 1993 को देर रात 11:30 बजे खाना खाकर सुरेश बोरिंग पर सोने गया था, इसी दौरान नामजद आरोपियों ने भाला मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया थ और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इधर, दूसरा मामला टाउन थाना कांड संख्या 22/06 सत्रवाद 848/09 का है। कांड के सूचक कछियाना निवासी राजेन्द्र महतो ने दर्ज प्राथमिकी में कहा कि छह जनवरी 2006 को अपने घर पर सपरिवार रात नौ बजे खाना खाने के दौरान ग्रामीण मुकेश महतो, महेन्द्र महतो, विरेन्द्र महतो, गायत्री देवी एवं बबिता देवी गाली-गलौज करने लगे। मना करने पर पुत्र अनिल महतो को छुरा मारकर जख्मी कर दिया जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
कोर्ट ने सुनवाई के बाद गायत्री देवी एवं बबिता देवी को रिहा कर दिया, जबकि अन्य अभियुक्तों मुकेश महतो, महेन्द्र महतो एवं विरेन्द्र महतो को सजा सुनाई। सजा सुनाये जाने एवं अभिरक्षा में लेने से पूर्व ही न्यायालय में हाजरी देने के बाद अभियुक्त मुकेश महतो फरार हो गया। इस तरह दोनों मामले में बाकी सात लोगों को जेल भेजा गया।
अर्थदंड की राशि नहीं जमा करने पर दो महीने का अतिरिक्त कारावास होगा। बचाव पक्ष से अधिवक्ता ललन कुमार सिन्हा व जय किशोर प्रसाद सिन्हा एवं अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक मो फारूख आलम ने न्यायालय में पक्ष रखा।

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