जहरीली शराब पीने से अब तक 10 की मौत, 11 आरोपियों को पुलिस ने दबोचा
कानपुर देहात के पुलिस अधीक्षक रतन कांत पांडेय ने बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर मरौली गांव में यह घटना हुई जहां चार लोगों ने कल रात जहरीली शराब पी थी और आज सुबह उनकी मौत हो गयी जबकि एक अन्य व्यक्ति की मौत आज दोपहर बाद हुई।
पांडे ने बताया कि मृतकों की पहचान श्यामू (40), चुन्ना कुशवाहा, (28), हरी मिश्रा (50) और नागेंद्र सिंह (40) के रूप में हुई है। शराब पीने के बाद इन लोगों को उल्टी होने लगी, आंखों से कम दिखाई देने लगा तथा बेचैनी की शिकायत हुई। पांचवे व्यक्ति का नाम पंकज गौतम (40) है जिसकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
राजधानी लखनऊ में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद कानपुर देहात में जहरीली शराब पीने की घटना में मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है। पुलिस ने बताया कि करीब छह ग्रामीण कानपुर देहात के जिला अस्पताल और कानपुर शहर के हैलट अस्पताल में जिन्दगी और मौत से संघर्ष कर रहे हैं।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) प्रद्युम्न सिंह ने कल बताया था कि यह हादसा कल सुबह हुआ था। राजेन्द्र कुमार (48) और रतनेश शुक्ला (51) अपने-अपने आवास पर मृत पाये गये। उन्होंने बताया था कि 12 लोगों को तबियत बिगडने पर विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया। सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर जगजीवन राम (62) और उमेश (30) की उपचार के दौरान मौत हो गयी। सिंह के अनुसार मृतकों के परिजनों ने पुलिस को बताया कि सभी ने शराब के सरकारी ठेके से शराब लेकर पी थी। डॉक्टरों ने बताया कि जहरीली शराब की वजह से ये मौतें हुई हैं।
कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। शराब की दुकान के मालिक श्याम बालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और प्रशासनिक अधिकारी तथा आबकारी विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है।राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए पचास-पचास हजार रूपये देने का ऐलान किया है।
पांडे ने बताया कि मृतकों की पहचान श्यामू (40), चुन्ना कुशवाहा, (28), हरी मिश्रा (50) और नागेंद्र सिंह (40) के रूप में हुई है। शराब पीने के बाद इन लोगों को उल्टी होने लगी, आंखों से कम दिखाई देने लगा तथा बेचैनी की शिकायत हुई। पांचवे व्यक्ति का नाम पंकज गौतम (40) है जिसकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
राजधानी लखनऊ में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद कानपुर देहात में जहरीली शराब पीने की घटना में मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है। पुलिस ने बताया कि करीब छह ग्रामीण कानपुर देहात के जिला अस्पताल और कानपुर शहर के हैलट अस्पताल में जिन्दगी और मौत से संघर्ष कर रहे हैं।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) प्रद्युम्न सिंह ने कल बताया था कि यह हादसा कल सुबह हुआ था। राजेन्द्र कुमार (48) और रतनेश शुक्ला (51) अपने-अपने आवास पर मृत पाये गये। उन्होंने बताया था कि 12 लोगों को तबियत बिगडने पर विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया। सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर जगजीवन राम (62) और उमेश (30) की उपचार के दौरान मौत हो गयी। सिंह के अनुसार मृतकों के परिजनों ने पुलिस को बताया कि सभी ने शराब के सरकारी ठेके से शराब लेकर पी थी। डॉक्टरों ने बताया कि जहरीली शराब की वजह से ये मौतें हुई हैं।
कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। शराब की दुकान के मालिक श्याम बालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और प्रशासनिक अधिकारी तथा आबकारी विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है।राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए पचास-पचास हजार रूपये देने का ऐलान किया है।

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